एबीवीपी की प्रान्त छात्रा प्रमुख को पुलिस की धमकी, कहा- जबलपुर की घटना भूल गए क्या..!

शहडोल। मध्य प्रदेश के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की मांग के बीच शहडोल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को पुलिस द्वारा धमकाने का मामला प्रकाश में आया है. एबीवीपी की शहडोल संगठन मंत्री अंकिता तिवारी कार्यकर्ताओं के साथ कल जबलपुर में हुई घटना के विरोध में शहडोल संभाग के कमिश्नर बीएम शर्मा को ज्ञापन देने पहुँची थीं. इसी बीच कार्यकर्ताओं ने पुलिस को देख मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया. इस बात से खफा कोतवाली में पदस्थ पुलिसकर्मी एएसआई रजनीश तिवारी ने एबीव्हीपी की संगठन मंत्री को धमकाना शुरू कर दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिसकर्मी ने कमिश्नर कार्यालय में खड़े हो कर कहा कि कल जबलपुर की घटना भूल गए क्या? इतना सुनते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की संगठन मंत्री भड़क गईं. उन्होंने कहा कि आप यह कहकर हम लोगों को धमका रहे हो. इस बीच बात को बिगड़ता देख पुलिसकर्मी ने इस बात को भी स्वीकार किया कि हां उसने ऐसा डराने के लिये बोला है.
घटना शहडोल संभाग के कमिश्नर के दफ्तर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही हो रही थी. कमिश्नर बीएम शर्मा वहां मौजूद नहीं थे अंत मे अपर कमिश्नर ने आकर मामला शांत कराया. पुलिसकर्मी के इस व्यवहार को लेकर संगठन में काफी आक्रोश है वहीं पुलिस इस मामले में कैमरे के सामने आने से बचती रही.दरअसल, जबलपुर में चुनाव की मांग को लेकर अड़े एबीव्हीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया था जिसके विरोध में ज्ञापन देने संगठन मंत्री पहुँची थीं. संगठन मंत्री अंकिता तिवारी को एक सप्ताह पहले ही परिषद ने कटनी से शहडोल का का संगठन मंत्री बनाकर भेजा है. वहीं अंकिता तिवारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रान्त छात्रा प्रमुख भी हैं.

क्या कहा छात्रा प्रमुख ने

हम जबलपुर की घटना के विरोध में ज्ञापन देने कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। मौजूद पुलिस अधिकारी से कमिश्नर से मिलने का आग्रह किया तो उन्होंने कहा कमिश्नर साहब नहीं हैं तो हम सभी छात्र छात्राओं ने अपर कमिश्नर से मिलने के लिये कहा लेकिन वह नहीं माने अभाविप के कार्यकर्ता भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे इसी बीच पुलिस के एक सहा उपनिरीक्षक भड़क गए और सभी कार्यकर्ताओं को धमकी देने लगे। अभाविप के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। बाद में अपर कमिश्नर यहाँ पहुंचे और हम सभी विधार्थियों की बात सुनीं। पुलिस अधिकारी ने भी अपने शब्द वापस लिये तब कार्यकर्ताओं का आक्रोश शांत हुआ। अभाविप के कार्यकर्ता अनुशाषित थे। और पुलिस अधिकारी के अमर्यादित व्यवहार के बावजूद उन्होंने मर्यादा का परिचय दिया।
अंकिता तिवारी, संगठन मंत्री, अभाविप शहडोल सम्भाग

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