नया शिक्षा सत्र शुरू होने में सिर्फ एक माह, नहीं छपीं किताबें

वेब डेस्क। एक अप्रैल से नया स्कूल शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां तो शुरू कर दी हैं, लेकिन अब तक एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की पौने 2 करोड़ किताबें छपी ही नहीं हैं।

सिर्फ एससीईआरटी (स्टेस्ट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की किताबें तैयार हो पाई हैं। ऐसे में सत्र शुरू होने पर छात्रों को किताबें मिलने में समस्या होगी। इस बार सत्र 2018-19 से मप्र बोर्ड पहली से लेकर बारहवीं तक गणित, विज्ञान और पर्यावरण की एनसीईआरटी की किताबें शुरू करने जा रहा है। लेकिन किताबें न छपने से समस्या खड़ी हो सकती है।

इस बारे में राज्य शिक्षा केंद्र का कहना है कि अब तक एनसीईआरटी से कोर्स मेटेरियल की सीडी नहीं आई है। सीडी मिलते ही मार्च तक किताबें छप जाएंगी। वहीं पाठ्य पुस्तक निगम का कहना है कि सीडी मिलने के बाद भी किताबों को छापने में तीन से चार महीने का समय लगेगा। पाठ्य पुस्तक निगम का यह भी कहना है कि अगर सीडी दिसंबर तक मिल जाती तो 1 अप्रैल से पहले ही किताबें तैयार मिल जाती।

इसे भी पढ़ें-  मुंबई-ONGC की ड्यूटी के दौरान हेलीकॉप्टर लापता, 7 लोग थे सवार

3 से 4 महीने में छप पाएंगी किताबें

पाठ्य पुस्तक निगम का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए उन्हें अब तक मेटेरियल की सीडी नहीं मिली है। जिसके कारण देर हो रही है। सीडी मिलने के बाद भी किताबों को छापने में तीन से चार महीने का समय लगेगा। ऐसे में नया सत्र शुरू होने तक किताबें तैयार नहीं हो पाएंगी। निगम का कहना है कि हर साल कुछ किताबें बदल दी जाती हैं। जिसकी तैयारी भी पहले से होनी चाहिए। सीडी प्राप्त करने का काम राज्य शिक्षा केंद्र का है।

 सवा तीन करोड़ किताबें तैयार

पाठ्य पुस्तक निगम का कहना है कि एससीईआरटी की सवा तीन करोड़ किताबें छपकर तैयार हो गई हैं। इन्हें मार्च में ब्लॉक लेवल पर भेज दिया जाएगा, जिससे सत्र प्रारंभ होते ही बच्चों को किताबें उपलब्ध हो जाएंगी और वे अपने कोर्स को समय से पूरा कर सकेंगे।

इसे भी पढ़ें-  ABVP ने कवर्धा पीजी कॉलेज के टॉयलेट में लगाई जिन्ना की तस्वीर

गणित, विज्ञान और पर्यावरण की किताबें हो रही हैं लागू

इस बार से पहली से 12वीं तक सभी कक्षाओं में गणित, विज्ञान व पर्यावरण की एनसीईआरटी की किताबें लागू की जा रही हैं, लेकिन 140 शीर्षक में से 30 शीर्षक की सीडी प्राप्त हुई है, जबकि 110 शीर्षक की सीडी भेजना अभी बाकी है।

इसलिए लागू की जा रहीं एनसीईआरटी की किताबें

स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि एससीईआरटी की किताबें पढ़ने के बाद भी छात्र-छात्राओं को 10वीं और 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फिर से एनसीईआरटी की किताबें पढ़नी पड़ती थीं, जिस कारण इस बार मप्र बोर्ड में भी गणित, विज्ञान और पर्यावरण की किताबों को एनसीईआरटी में लागू किया गया। जिससे छात्रों को मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना आसान हो जाएगा।

इसे भी पढ़ें-  मिस वर्ल्‍ड 2017 मानुषी छिल्‍लर ने दीपिका पादुकोण के ...

बच्चों की किताबों का कवर पेज होगा मोटा

छोटे बच्चों की किताबें जल्दी फट जाती हैं, इसलिए इस बार से छोटे बच्चों के किताबों का कवर पेज मोटा किया जा रहा है। यह पहले 230 जीएसएम का होता था, अब 250 जीएसएम का होगा।

सीडी ही नहीं मिली

एनसीईआरटी की किताबों की सीडी राज्य शिक्षा केंद्र से नहीं मिली है, जिस कारण पौने 2 करोड़ किताबें नहीं छप पाई हैं। अगर अभी सीडी मिलती है, तब भी किताबें तैयार करने में तीन से चार महीने का समय लगेगा।

एमआर खान, मुख्य महाप्रबंधक, पाठ्य पुस्तक निगम

1 अप्रैल तक तैयार हो जाएंगी

एनसीआरटी की कुछ किताबें छपना शेष है, एनसीईआरटी से सीडी नहीं मिली है। फरवरी अंत तक सीडी मिल जाएगी और 1 अप्रैल तक किताबें तैयार कर ली जाएगी।

लोकेश कुमार जाटव, संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र 

Leave a Reply