सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ कल मनेगा शरदोत्सव, मंदिरों में बटेगी खीर

कटनी। अश्विन शुक्ल पूर्णिमा यानि शरद पूर्णिमा इस बार कल 5 अटूबर (गुरुवार) को मनाई जाएगी । इस दिन सर्वार्थ सिद्घि योग होगा जो 4 साल बाद बन रहा है । धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में खीर बनाकर रखने से वह औषधि का रूप ले लेती है। जिसे खाने से कई रोगों का नाश हो जाता है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक शरद पूर्णिमा को रोग व बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए चांदनी रात में खीर का प्रसाद लेना बहुत ही लाभकारी होता है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक गुरुवार को रात 9.25 बजे सर्वार्थ सिद्घि योग शुरू हो रहा है। इस रात भगवान श्रीकृष्ण को चावल व गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाया जाता है। इसके बाद खीर को चांदनी रात में खुले आसमान में रखा जाता है। चांद की किरणों के संपर्क में, जब यह खीर आती है तो यह एक औषधि का रूप ले लेती है, जिसका सेवन करने से रोगियों के रोग दूर होते हैं।
मंदिरों में खीर का वितरण
शहर के मंदिरों में कल शरदोत्सव मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के विभिन्न मंदिरों में कल खीर का वितरण होगा एवं चांदनी रात में भगवान की पूजा अर्चना की जाएगी। सत्यानाराण मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर तथा गोविन्द देव जी मंदिर सहित शहर के कई मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ खीर का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर यहां भगवान का सुंदर श्रंगार भी किया जाएगा
आनंद बिहार कालोनी में भजन संध्या
आनंद बिहार कालोनी स्थित वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकांत अग्रिहोत्री के निवास पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भजन संध्या के साथ भगवान श्री कृष्ण की आराधना एवं खीर का वितरण किया जाएगा। भजनों की प्रस्तुति नाद गुंजन कला परिषद के कलाकारों द्वारा की जाएगी। विगत चार दशकों से श्री अग्रिहोत्री के निवास पर शरदोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। अग्रिहोत्री परिवार ने समस्त धर्मप्रेमियों गणमान्य जन जनप्रतिनिधियों से उपस्थिति की अपील की है। कार्यक्रम रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होगा जो अर्धरात्रि तक चलेगा।

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