छठवां वेतनमान मिला नहीं सातवें की मांग करने लगे पंचायत सचिव

भोपाल। पंचायत सचिवों को अभी सिर्फ छठवां वेतनमान अप्रैल 2018 से दिए जाने की घोषणा हुई है और संगठन ने सातवें वेतनमान की मांग उठाना शुरू कर दी है। संगठन की ओर से पंचायत सचिवों को सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश दिया गया है कि अगला लक्ष्य सातवां वेतनमान हासिल करना है। साथ ही कहा है कि सहायक अध्यापकों को जब सातवां वेतनमान दिया जाए, तभी से पंचायत सचिवों को भी इसका लाभ मिले

पंचायत सचिव संगठन के प्रांताध्यक्ष दिनेश शर्मा की ओर से सोशल मीडिया पर संगठन पदाधिकारियों को अगले लक्ष्य के बारे में बताया गया है। इसमें कहा है कि अध्यपाकों के साथ हमें सातवां वेतनमान चाहिए। जिस समय से अध्यापकों को यह वेतनमान दिया जाए, तब से ही पंचायत सचिवों के लिए भी लागू किया जाए। सहायक अध्यापकों को छठवां वेतनमान 2013 से दिया गया है, सचिवों को भी इसी तारीख से दिया जाना चाहिए।

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धारा 92 के तहत तीन हजार से ज्यादा पंचायत सचिवों से प्रभार छीन लिए गए हैं। कुछ से वसूली हो चुकी है तो कुछ को दंड भी मिल गया है। सरपंचों से वसूली होना बाकी है। इसके लिए पंचायतराज अधिनियम में अलग व्यवस्था है। दोनों कार्रवाई अलग-अलग होती हैं इसलिए पंचायत सचिव को उनके प्रभार वापस सौंपे जाएं। शर्मा ने बताया कि इसे लेकर अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस को ज्ञापन भी सौंपा गया है। इसमें पंचायत सचिव की सेवा की गणना 1995 से करने की मांग भी की गई है। इसके आधार पर ही वरिष्ठता तय होगी और वेतनमान में फायदा मिलेगा।

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